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भिक्षावृत्ति: एक अभिशाप






क्रिप्टो करेंसी कैसे काम करता है-* क्रिप्टोकरंसी ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी पर काम करता है... ब्लॉकचैन 1991 आया था... यह एक प्रकार का डाटाबेस हैं जो एक डिजिटल रजिस्टर की तरह होता हैं.... मान लीजिये हमने कई बिटक्वाइन ख़रीदा या बेचा और इसके लिये हमे कई बार ट्रांजक्सशन करना पड़ा तो इसका रिकॉर्ड एक ब्लॉक के रूप में सेव होता हैं... ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड एक ब्लॉक के रूप बनता जाएगा.... यह सारा ब्लॉक एक चेन से जुड़ता जायेगा... इस सिस्टम को हम ब्लॉकचेन के रूप जानते हैं. ब्लॉकचेन एक डिजिटल लेज़र या डिजिटल रिकॉर्ड है, जो एक पीयर-टू-पीयर नेटवर्क पर सभी लेन-देन का होता है जो डीसेंट्रलाइज्ड होता है यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो एंड टू एंड इंक्रिप्टेड इस प्रकार से है इसको बीच में से कोई इसको डिस्टर्ब करने या निकालने का प्रयास किया तो यह जीरो हो जाएगा l अर्थात दुनिया की कोई भी सरकार इसको रेगुलेट करने का प्रयास करती है तो यह जीरो में कन्वर्ट हो जाएगा


यह एआई भले ही अन्य एआई के मुकाबले काफी अच्छा तेज सस्ता और टिकाऊ हो... लेकिन चीन का डीपसीक एआई कुछ सवालों को लेकर के एक पक्षपाती रवैया अपना रहा है... डीपसीक एआई चीन के खिलाफ वाले सवालों पर उल्टा सीधा और अलग जवाब दे रहा है.। डीपसीक एआई से पूछा गया थेन आनमन चौक पर क्या हुआ था तो डीपसीक का जवाब था कि यह मेरी क्षमता के बाहर है.., वहीं अमेरिकी एआई प्लेटफॉर्म ChatGPT से यही सवाल पूछा गया तो उसका जवाब था थेन आनमन नरसंहार 1989 में बीजिंग में हुआ था... यहां लोकतंत्र की मांग को लेकर के विरोध प्रदर्शन हो रहा है जिसे कुचलने के लिए चीन की सरकार ने हिंसा का सहारा लिया एक दूसरे सवाल को लेकर डीपसीक से पूछा गया कि कोविड कहां से शुरू हुआ तो उसके जवाब में चीन और उसके एक शहर वुहान का जिक्र नहीं ही नहीं था.....इस तरह डीपसीक एआई ने काफी सवालों का उल्टा सीधा, फर्जी और पक्षपात तरीके से जवाब दिया


महाकुंभ प्रयागराज में हुई भगदड़ के घटना के क्रम में शासन और प्रशासन के द्वारा जो चूक हुई है... उसी के बारे में चर्चा करने के संबंध में स्वयं के विचार.....


मेरी ही सांसों का जीवन हो माँ, मेरी ही दुनिया का उपवन हो माँ, जीवन की ज्योति, समंदर हो तुम, मेरी आंखों की आशा का आंगन हो माँ !!


मन ही मन हम प्रयागराज के लड़कों के जेहन में यह बात जरूर चलती है और विश्वास रहता है कि एक रोज किसी रिजल्ट की पीडीएफ में मेरी सारी उदासियाँ सिमट कर मुझे मेरे धैर्य और संघर्ष का जवाब देने जरूर आएंगी.....


!!बचपन याद आता है!! वो सपने याद आते हैं, वो अपने याद आते हैं वो आंगन याद आता है, वो यादें याद आती हैं वो मौसी का शासन, वो मम्मी का अनुशासन वो मामा की मस्ती, वो नाना की हस्ती वो नानी का दुलार, घर का सारा प्यार वो बातें याद आती हैं वो बचपन याद आता है|| वो स्कूल में जाना, टीचर का प्रेम पाना खूब खुशियां मनाना, मामा का लेकर आना नानी की मीठी बातें फिर मम्मी के हाथों खाना गांवों में फिर जाना, लोगों का स्नेह पाना वो आंवला का पेड़, वो खेतों के मैदान वो बातें याद आती है वो बचपन याद आता है|| वो अपना प्यारा घर, साहेब मामा का डर वो नटखट सा जीवन बस मस्ती और सुकून वो छोटी-छोटी ख्वाहिशें, बचपन की सौगातें यारों के संग की टोली, लंबरदार की बोली वो नाना की शिक्षा देना, वो नानी का प्यार लेना वो बातें याद आती है, वो बचपन याद आता है|| --- सौमित्र तिवारी


!! मेरे राम!! तुम जन जन में और मन मन में बसे हो राम हर कण कण और क्षण क्षण में बसे हो राम तुम हमारी वेदना की पुकार हो राम ऋषियों के निर्वेद का सार हो राम हमारी एकाकी जीवन की आस हो राम काया की हर धड़कन की सांस हो राम जीवन तुम्हारे बिन कल्पित नहीं राम तुम संग हो ये जीवन समर्पित है राम अयोध्या ने तुम बिन गुजारा है राम आज आए तुम अब सहारा है राम मेरे आंगन में अब दीप जलेंगे राम नि:शब्द थी मेरी लेखनी अब लिखेंगे राम मेरी निश्छल प्रेम का अँसुवन हो राम भक्तों के मन का इक उपवन हो राम वर्षों से थी विकलता हम खोजते थे राम लौट आए हैं अयोध्या में शबरी के राम!! ---- सौमित्र तिवारी"


"अन्याय के खिलाफ बगावत"
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